एर्दोगान ने पॉप फ्रांसिस से फिलिस्तीन के क़त्लेआम और इज़राईल के अत्याचार के बारे में बात की

वेटिकन सिटी के पेशवा दुनिया के सबसे बड़े पॉप, पॉप फ्रांसिस और तुर्की राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान के बीच गाज़ा में हो रहे क़त्लेआम और इज़राईल के अत्याचार पर काफी देर तक फोन पर बातचीत हुई.

यह बातचीत बुधवार की शाम को हुई. दोनों ने ही इज़राईल की कड़े शब्दों में निंदा की और इसको मानवता का नरसंहार बताया गया.

एर्दोगान और पॉप सेंट फ्रांसिस ने एकजुट होकर अमेरिका और इज़राईल की निंदा करते हुए कहा कि बैतुलमुक़द्दस में अमेरिकी दूतावास को स्थांतरित करने को किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा.

वहीँ गाज़ा सीमा पर इज़राईली सेना के द्वारा 61 निहत्थे फिलिस्तीनी मर दिया गए, इस भीषण नरसंहार में लगभग तीन हज़ार लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए हैं.

इस घटना की पूरी दुनिया में कड़ी आलोचना हो रही है. इस घटना को लेकर संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद ने आपातकाल बैठक बुला ली है.

इसके अलावा तुर्की, दक्षिण अफ्रीका सहित कई सारे देशों ने इज़राईल के खिलाफ कार्यवाही करी है. तुर्की ने गाजा में हुई एक हिंसा के मुद्दे पर इसी सप्ताह इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) की आपात बैठक बुलाई है.

तुर्की के सरकारी प्रवक्ता ने बेकीर बोजडाग ने कहा कि शुक्रवार को अंकारा इस मामले को लेकर एक आपात बैठक करना चाहता है. साथ ही सोमवार को ही दक्षिण अफ्रीका ने एलान किया कि वह गाजा हिंसा के विरोध में इजरायल से अपने राजदूत को वापस बुला रहा है.

दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग विभाग ने गाजा में फलस्तीनी प्रदर्शनकारियों पर इजरायली सेना द्वारा की कार्रवाई की सख्त शब्दों में निंदा की.