तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगान ने सेना को दिया हमला करने का आदेश, मच गया हड़कंप

आतकंवाद के खिलाफ तुर्की के राष्ट्रपति तय्यब एर्दोगान ने एक विशेष अभियान चला रखा है, एर्दोगान ने तुर्की में  गुलेन नेटवर्क के कार्यकर्ताओं पर भी नकेल कसने का काम है तथा इसके अलावा कई अन्य देशों से आतंकवाद से लड़ने के लिए समझौते भी किया है.

सीरिया में लगातार बढ़ रहे आतंकवाद को ख़त्म करने के लिए एर्दोगान ने जनवरी 2018 में सैन्य अभियान ऑलिव ब्रांच के नाम से शुरू किया था. इस अभियान में शानदार कामयाबी मिली थी और आफ़रीन सहित कई शहरों को आतंकवादियों के क़ब्ज़े से आज़ाद कराया था.

तुर्की की सेना ने इस सैन्य अभियान के दौरान लगभग चार हज़ार आतंकवादियों को मार गिराया या उनको सरेंडर करने पर मजबूर किया था. तुर्की में आने वाले चुनावों को लेकर राष्ट्रपति एर्दोगान इन दिनों व्यस्त हैं.

इस्तांबुल में एर्दोगान अपने हजारों समर्थकों के सामने बोलते हुए, एर्दोगान ने अगले महीने के राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों को तुर्की के लिए मील का पत्थर बताया. उन्होंने वचन दिया कि देश वैश्विक शक्ति के रूप में आगे बढेगा.

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने सीरिया और इराक की बॉर्डर पर कुर्द आतंकियों के खिलाफ एक नए सैन्य अभियान करने का वादा किया है.

2016 में एर्दोगान ने सीरिया और अफरीन हमले के लिए क्रॉस बॉर्डर हमले के संदर्भ में कहा की नए कार्यकाल में, तुर्की यूफ्रेट्स शील्ड और ओलिव ब्रांच में नए ऑपरेशन जोड़ेगा और जब तक एक भी आतंकवादी खत्म नहीं हो जाता. जब तक एक भी आतंकवाद खत्म नहीं हो जाता तब तक सैन्य अभियान जारी रखेगा.

गार्डियन के अनुसार प्रधानमंत्री का कार्यालय समाप्त कर दिया जाएगा और इसकी शक्तियों को बड़े पैमाने पर राष्ट्रपति को स्थानांतरित कर दिया जाएगा यह एक परिवर्तनों के हिस्से के रूप में होगा. गार्डियन के मुताबिक एर्दोगान ने कम ब्याज दरों का वादा जनता से किया है.