सुप्रीम कोर्ट का आदेश, येदियुरप्पा कल शाम 4 बजे तक सदन में बहुमत साबित करें… नहीं तो अब

आज सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक मामले पर सुनवाई की. कांग्रेस द्वारा दायर की गई याचिका पर यह दूसरी सुनवाई थी इससे पहले इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण पर रोक लगने से मना कर दिया था.

आज कोर्ट के बीजेपी से समर्थक विधायकों की लिस्ट मांगी थी. इसी को लेकर आज सुबह 10:30 पर अदालत की करवाई शुरू हुई. जिसमें सुप्रीम कोर्ट की ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि शनिवार शाम 4 बजे सदन में बहुमत साबित करना है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरन मुकुल रोहतगी ने येदियुरप्पा की ओर से राज्यपाल को भेजे गए दोनों पत्र सुप्रीम कोर्ट में पेश किए साथ ही दलील दी कि बीजेपी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी की तौर पर उभरी है. रोहतगी ने कांग्रेस और जेडीएस को अपवित्र बताया है. उन्होंने कहा कि नंबर दो और नंबर तीन पार्टियां बीजेपी से काफी पीछे हैं.

इससे पहले जस्टिस सीकरी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर दो पार्टियां अपने-अपने दावे कर रही हैं, तो गवर्नर ने किस आधार पर फैसला किया. कोर्ट के इस सवाल पर बीजेपी के वकील ने कहा कि ये राज्यपाल का विशेषाधिकार है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्ताव देते हुए कहा कि बेहतर होगा कि शनिवार को बहुमत परीक्षण हो.

साथ ही जस्टिस सीकरी ने बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी से कहा कि ये बहुत स्पष्ट है कि जब तक आप इस कोर्ट को संतुष्ट नहीं करते हैं, तब तक आप नियुक्ति नहीं कर सकते. कोर्ट की यह टिप्पणी एंग्लो इंडियन नॉमिनेशन से संबंधित थी, गुरुवार को इस बारे में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने फैसला लिया था.

वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के गुजरात के राजकोट स्थित घर पर सुरक्षा बढ़ायी गयी. कांग्रेसी तोड़फोड़ ना करे इस आशंका के चलते सुरक्षा बढ़ाई गई है.