सऊदी अरब ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर फिर किया निराश- मुस्लिम राष्ट्रों में नाराजगी

इजराइल द्वारा हाल ही में किये गए फिलिस्तीनियों के नरसंहार को लेकर तुर्की ने फिलिस्तीनियों की रक्षा के लिए मुस्लिम राष्ट्रों की एक आपातकाल बैठक बुलाई थी. यह बैठक तुर्की के राष्ट्रपति तय्यब एर्दोगान ने तुर्की में बुलाई थी. इस बैठक में तमाम सदस्य राष्ट्रों ने भाग लिया था.

इस बैठक में सबसे निराशाजनक बात यह रही कि फिलिस्तीनियों की रक्षा के लिए बुलाई गई इस बैठक से सऊदी अरब अनुउपस्थित रहा. इस महत्पूर्ण बैठक में सऊदी अरब और सहयोगी देश मिस्त्र, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन सहित कई देश गायब रहे.

इस बैठक में इज़राईल के विरुद्ध उसके अत्याचार को रोकने और फिलिस्तीनियों की रक्षा करने के लिये एक विशेष सेना के गठन का फैसला लिया गया है. साथ ही सभी देशों ने येरुशलम में अमेरिका के अवैद दूतावास का विरोध कर रहे फिलिस्तीनियों पर इजराइल सीना द्वारा की गई करवाई की कड़ी निंदा की गई.

आपको बता दें कि अमेरिका दूतावास को अवैध तरीके से येरुशलम में बनाये जाने का विरोध कर रहे फिलिस्तीनियों पर इजराइल सेना द्वारा हमला किया जाने से लगभग तीन हज़ार फिलिस्तीनी गम्भीर रूप से घायल हो गये थे वहीँ इस हिंसक करवाई में 61 लोग मरे गए थे.

ओआईसी सम्मेलन की बैठक समाप्त होने के बाद अंत में जारी घोषणा ने अमेरिकी दूतावास को यरूशलेम अल-कुड्स में शिफ्ट होने को गैरकानूनी बताया और कहा की यह निर्णय क्षेत्र में अराजकता को ट्रिगर कर सकता है.

एक घोषणा पत्र जारी किया गया जिसे 48 देशों द्वारा हस्ताक्षरित किया गया है में कहा गया है कि एक बार फिर पूरे मुस्लिम देशो ने अल-कुड्स और हरम अल-शरीफ की पवित्रता और ऐतिहासिक स्थिति को संरक्षित करने के महत्वपूर्ण महत्व की पुष्टि की है. साथ ही इस घोषणा पत्र में कहा है की मुस्लिम देश एक बार फिर एकता और एकजुटता से वैश्विक स्तर पर फिलिस्तीन की रक्षा करेंगे.

ओआईसी की बैठक से किंग सलमान की अनुपस्तिथि कई सवाल खड़े करती है. ईरानी मीडिया के मुताबिक कई लोगों का कहना है की सऊदी अरब इजराइल के पक्ष में है. वहीँ किंग सलमान के न आने का अनुमान बिन सलमान की मौत से लगा रहे हैं.

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से ईरानी मीडिया में सऊदी क्राउन प्रिंस की मौत की खबरे है. ईरानी मीडिया का कहना है पिछले महीने हुए सऊदी रॉयल पैलेस पर हमलों में क्राउन प्रिंस बिन सलमान की मौत हो गयी थी. शायद इसी वजह से किंग सलमान ओआईसी की बैठक में सम्मिलित नहीं हो सके.