संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका को छोड़कर सभी देशों ने की इजरायल की निंदा

बीते सोमवार को फिलिस्तीनियों के खिलाफ हुई हिंसा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में इजरायल की अत्यधिक आलोचना की गई है. आपको बता दें कि अमेरिका को छोड़कर परिषद के सभी देशों ने इस हिंसा की निंदा की.

यह जानकारी अल जज़ीरा के जेम्स बेज़ ने अपनी रिपोर्ट में दी है. बताया जा रहा है कि अमेरिका ने इजरायल द्वारा की गई इस हिंसा की निंदा नही की है.

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा करते हुए विरोध प्रदर्शन तेज करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि आज एक बार फिर, हमारे लोगों के खिलाफ नरसंहार जारी है.

पिछले वर्ष यरूशलम को अमेरिका ने इज़राईल की राजधानी घोषित कर दिया था, पर जब इस पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में वोटिंग हुई तो दुनिया ने एक तरफ होकर इस को अस्वीकार कर दिया था. दुनियाभर को चुनोती देते हुए अमेरिका ने अपना इज़राईली दूतावास येरुशलम में बनाया है, जो बिल्कुल ग़ैरक़ानूनी काम है.

14 मई 2018 की तारीख दुनिया के इतिहास में एक काले दिन के रूप में लिखी जाएगी क्योंकि अमेरिका ने अपने इज़रायली दूतावास का उदघाटन येरुशलम में किया जिसके परिणाम में फिलिस्तीनी मुसलमानों ने विरोध प्रदर्शन किया जिसमें करीब ढाई हज़ार घायल और 58 शहीद हो गए हैं.

इस मानव नरसंहार पर तुर्की ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी. इस घटना को लेकर दुनियाभर में बेचैनी फैल गई है. आपको बता दें की शुक्रवार को तुर्की के राष्ट्रपति बड़ा ऐलान करेंगे.

इस मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने गाजापट्टी सीमा पर फिलीस्तीनी प्रदर्शनकारियों और इजरायली सेना के बीच हिंसक झड़पों पर संज्ञान में लेते हुए आपात बैठक बुलाने का निर्णय लिया था.