पीएमसी बैंक को लेकर रिजर्व बैंक ने लिया एक और बड़ा फैसला

पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक इन दिनों घोटाला के चलते काफी सुर्ख़ियों में बानी हुई है| पीएमसी बैंक के खाताधारकों के सामने बड़ी मुश्किल कड़ी हो गयी है जिसके लेकर अब रिजर्व बैंक खाताधारकों की समस्या दूर करने के लिए कई बड़े फैसले ले रहा है| बता दें कि कुछ दिनों पहले रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक घोटाले के अंतर्गत खाताधारकों पर कई तरह के प्रबंध लगा दिए थे जिसके चलते बैंक खता धारक छह महीनो में सिर्फ 1000 से ज्यादा का लें दें नहीं कर सकता था| हालांकि बाद में इसको बड़ा कर 10,000 तक कर दिया था लेकिन 6 महीनो में 10,000 रूपए से भी कुछ नहीं होता लोग फिर भी परेशान के परेशान बने रहे थे और अपने पैसों को वापस पाने के लिए प्रयास कर रहे थे|

बता दें कि रिजर्व बैंक ने अब लोगों की इस समस्या को भी दूर करने के लिए एक और बड़ा एलान किया है| रिजर्व बैंक ने घोटाला प्रभावित पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक पीएमसी के खाताधारकों के लिए नकद निकासी सीमा को अब 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी है जिसके तहत बैंक के खाताधारक अब छह महीने के दौरान 25,000 रुपये तक की निकासी कर सकेंगे|

केंद्रीय बैंक द्वारा 23 सितंबर को बैंक पर लगाई गई पाबंदी के बाद यह दूसरा मौका है जब नियामक ने निकासी सीमा बढ़ाई गयी है| बता दें कि इससे पहले प्रति ग्राहक निकासी सीमा 1,000 रुपये तय की गई थी जिसको लेकर विभिन्न तबकों ने काफी आलोचना की थी जिसके चलते 26 सितंबर को निकासी सीमा बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति खाता कर दी गई थी|

आपको बता दें कि पीएमसी बैंक अब रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त प्रशासक के अंतर्गत काम कर रहा है| बैंक के पूर्व प्रबंधकों की पुलिस आर्थिक अपराध शाखा जांच कर रही है| वहीँ पीएमसी 11,600 करोड़ रुपये से अधिक जमा के साथ देश के शीर्ष 10 सहकारी बैंकों में से एक है|

रिजर्व बैंक ने एक बयान देते हुए कहा कि हमने पीएमसी बैंक की नकदी स्थिति की फिर से समीक्षा की और जमाकर्ताओं की कठिनाइयों को दूर करने के इरादे से निकासी सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का निर्णय किया है| यह सीमा बैंक पर लगाई गई छह महीने की परिचालन पाबंदी की शेष अवधि के लिए है|

साथ ही केंद्रीय बैंक ने कहा कि सीमा बढ़ाए जाने से बैंक के 70 प्रतिशत से अधिक जमाकर्ता अपनी पूरी जमा राशि निकाल सकेंगे क्योंकि इस बैंक के ज्यादातर खाता धारकों की जमा राशि करीब 10,000 रुपये है, वहीँ बैंक की कुल खुदरा जमा 915 करोड़ रुपये है|

इस बयान ने चलते आरबीआई ने यह भी कहा कि उन्होंने बैंक प्रशासक जेबी भोरिया की सहायता के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय किया है| रिजर्व बैंक के मुताबिक़ आरबीआई बैंक की स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है और जमाकर्ताओं के हितों में जरूरी कदम उठाये जाएंगे|

आपको बता दें कि पीएमसी बैंक के कामकाज में अनियमितताएं और रीयल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल को दिए गए कर्ज के बारे में सही जानकारी नहीं देने को लेकर उस पर नियामकीय पाबंदी लगाई गई है| बैंक ने एचडीआईएल को अपने कुल कर्ज 8,880 करोड़ रुपये में से 6,500 करोड़ रुपये का ऋण दिया था. जो बैंक के कुल कर्ज का करीब 73 प्रतिशत है|

जानकारी के लिए बता दें कि बैंक पर लगाई गई पाबंदियों में कर्ज देना और नया जमा स्वीकार करने पर प्रतिबंध शामिल है, साथ ही बैंक प्रबंधन को हटाकर उसकी जगह आरबीआई के पूर्व अधिकारी को बैंक का प्रशासक बना दिया है|

साभारः #TheWire