रमज़ान के पहले जुमें पर इबादत से महरूम रहे मुसलमानों का छलका दर्द, हिन्दू संगठनों ने नहीं पढ़ने दी नमाज़

हरियाणा के गुरुग्राम में नमाज़ पढ़ने से रोकने का सिलसिला अब कई दूसरी जगह भी देखने को मिला रहा है. कई जगहों पर मुस्लिम लोगों को नमाज़ पढने से रोका जा रहा है. इससे एक तरफ भाईचारा ख़त्म हो रहा है वहीं दूसरी तरफ कई जगहों पर तनावपूर्ण स्थिति भी बन जाती है.

रमजान के पाक महीने की पहली जुमें की नमाज़ अदा की गई, लेकिन एक जगह इसी भी थी जहाँ कुछ लोगों ने जुमें की नामज़ को रोका. ककलान गांव में यह घटना सामने आई है. बताया जा रहा है कि यहाँ नामज़ पढने से रोका गया है.

यह घटना गुरुग्राम से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित भोर ककलान गांव की है. टाइम और इंडिया की रिपोर्ट्स के आनुसार यहाँ पर स्थित एक मजार में शुक्रवार को जब चार पांच मुस्लिम नमाज़ अदा करने पहुचें तो लगभग 50 स्थानीय हिन्दुओं ने उन्हें कथित तौर पर धमकी दी.

बताया जा रहा है कि करीब 50 हिंन्दु युवाओं ने उन्हें कथित तौर पर धमकी दी और कहा कि मुस्लिम वहां नमाज ना पढ़ें. युवा घंटों तक वहां खड़े रहे और आखिर में मुस्लिम जुमे की नमाज नहीं पढ़ सके.

घटना स्थल पर मौजूद एक सब्जी वाले के आनुसार शुरू में 50 युवा माजर के पास पहुचें थे लेकिन बाद में इनकी तादात करीब 200 हो गई थी. कुछ नमाजियों का कहना है कि यह घटना करीब 12 बजे की है, तनाव पूर्ण हालत बनते देख करीब 12:30 बजे पुलिस पंहुच गई थी, बावजूद इसके वहां हमें नमाज़ नहीं पढने दी गई. इस प्रकार हम रमजान के पहले जुमें की नामज़ अदा नहीं कर सके.