अपने मुल्क, क़ौम और आख़िरत तीनो की कामयाबी सिर्फ तालीम से ही मुमकिन है-डॉ नोव्हेरा शेख़

कर्नाटक में पहली बार चुनाव लड़ने जा रही महिला एम्पावरमेंट पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ नोव्हेरा शेख़ शिक्षा के प्रति कितनी चिंतित हैं ये उस समय फिर पता चला जब कर्नाटक चुनाव के ठीक 20 दिन पहले तमाम पार्टीयों के नेता अपनी अपनी सीट पर रात दिन चुनाव जीतने की जुगत करने में लगे हैं।

वहीँMEP की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ नोव्हेरा शेख़ चुनावी भागदौड़ से समय निकाल कर त्रिपुरा में अपने स्कूल पहुंची और वहां स्कूल के सभी छात्रों से एक एक कर मुलाकात करके सबसे बात की।

डॉ नोव्हेरा शेख़ ने छात्रों से मुलाकात के दौरान उनसे बात करते हुए काफी ख़ुशगवार मूड में दिखीं जिससे छात्रों ने भी दिल खोल कर बातें की।

डॉ नोव्हेरा शेख़ से ये पूछे जाने पर की इस वक़्त चुनान बिलकुल सर पर है और आपकी पार्टी सभी 224 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है तो आपको स्कूल आने की अचानक कैसे सूझी?जवाब में नोव्हेरा शेख़ ने कहा की चुनाव तो आते जाते रहेंगे मगर मेरी नज़र में किसी भी देश और क़ौम के साथ साथ आख़िरत में कामयाबी का एक ही रास्ता है और वो है तालीम इसलिए मैं हमेशा तालीम पर ज़्यादा वक़्त और पैसा खर्च करती हूँ जिसमे दुनियावी तालीम के साथ साथ दीनी तालीम का भी ख़ास रखा जाता है।

डॉ नोव्हेरा शेख़ बताती हैं कि क़ुरान में कहा गया है की तालीम ज़रूर हासिल करो भले ही उसके लिए तिजारत करनी पड़ी ये बात मर्द औरत दोनों के लिए कही गयी है।

लड़कियों की तालीम पर ज़्यादा ज़ोर देने की वजह पूछने पर नोव्हेरा शेख़ कहती हैं कि मर्द अपनी तालीम से एक नस्ल की ज़िन्दगी संवार सकता है मगर औरत अगर पढ़ी लिखी हो तो कई नस्लें तालीम याफ़ता होती है और साथ ही औरतों को अपने हुक़ूक़ की समझ हो जाती है।

अचानक नोव्हेरा शेख़ के स्कूल पहुँचने से बच्चों के साथ आस पास के लोगों ने भी हैरत जताते हुए नोव्हेरा शेख़ की तारीफ करने पर मजबूर हो गए।

बताते चलें की डॉ नोव्हेरा शेख हीरा ग्रुप की मालिक हैं और उनके कई स्कूल भी हैं जिनमे दुनियावी तालीम के साथ साथ लड़कियों को आलिमा का कोर्स करवाया जाता है।

इस बार नोव्हेरा शेख़ कर्नाटक चुनाव में अपनी खुद की पार्टी एम ई पी (महिला एम्पावरमेंट पार्टी) के साथ हिस्सा ले रही हैं।