मक्का मस्जिद बम ब्लास्ट केस में स्वामी असीमानंद समेत सभी आरोपी बरी

आज से 11 साल पहले मक्का मस्जिद में बम बलास्ट करने वाले सभी आरोपियों को कोर्ट ने रिहा कर दिया. एनआईए की विशेष अदालत ने साल 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट से जुड़े मामले में फैसला सुना दिया है. इस मामले में कोर्ट ने असीमानंद समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. आपको बता दें कि इस विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी.

एनआईए मामलों की चतुर्थ अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन सत्र सह विशेष अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली थी और पिछले हफ्ते फैसले की सुनवाई 16 अप्रैल तक के लिए टाल दी गई थी.ये बम ब्लास्ट 18 मई 2007 को जुमे की नमाज के दौरान ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में हुआ था. और इस बेम बिस्फोट में 60  से ज्यादा लोग घायल हुए थे और 9 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी.

पहले इसकी जांच पुलिस ने की फिर सुराग न मिलने पर ये काम सीबीआई को सौंपा गया. जो आरोपी इस बम बिस्फोट में शामिल थे उनकी संख्या दस थी जिनमे से एक आरोपी की मौत हो चुकी है. सीबीआई ने एक आरोपपत्र दाखिल किया. इसके बाद 2011 में सीबीआई से यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआईए ) के पास गया. इस धमाके में स्वामी असीमानंद समेत कुल 10 लोगों पर आरोप लगा था, एक आरोपी की मौत हो चुकी है.

और दासों आरोपियों के नाम कुछ इस प्रकार है 1. स्वामी असीमानंद 2. देवेंदर गुप्ता 3. लोकेश शर्मा (अजय तिवारी) 4. लक्ष्मण दास महाराज 5. मोहनलाल रातेश्वर 6. राजेंदर चौधरी 7. भारत मोहनलाल रातेश्वर 8. रामचंद्र कलसांगरा (फरार) 9. संदीप डांगे (फरार) 10. सुनील जोशी इन सभी आरोपियों में सुनील जोशी जिसकी मौत हो चुकी है. लेकिन वांकी ९ आरोपियों को इस केस से बरी कर दिया गया है.

इस मामले में अब तक कुल 226 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए और कोर्ट के सामने 411 दस्तावेज पेश किए गए. लेकिन NIA को इस केस की जांच में काफी मुश्कलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि 64 गवाह कोर्ट के सामने मुकर गए, जिनमें लेफ्टिनेंट कर्लन श्रीकांत पुरोहित और झारखंड के मंत्री रणधीर कुमार सिंह भी शामिल हैं.