मलेशिया के महातिर मोहम्मद 92 साल की उम्र में चुने गए प्रधानमंत्री

मलेशिया के पूर्व तानाशाह महातिर मोहम्मद दुनिया में सबसे ज्यादा उम्र में प्रधानमंत्री निर्वाचित होने वाले पहले शख्स बन गए हैं.क्योंकि जिस उम्र में लोगों की उठने-बैठने चलने तक शक्ति नहीं होती है उस उम्र में मलेशिया की सरकार 92 साल के महातिर को सौंप दी गई.

मलेशिया देश के उन विकसित देशों में है जंहा की कार्यप्रणाली की दुनिया भर में तारीफें की जाती है. और वंही महेशिया में 222 संसदीय सीटों में से 113 पर जीत दर्ज की है. महातिर मलेशिया में 22 सालों तक तानाशाह रहे और साल 2003 में उनकी सत्ता खत्म हुई थी.

और जब फिर से महातिर को जीत मिली तो अपनी जीत के बाद महातिर वंहा की मीडिया से रूबरू हुए और कहा कि आज यानी गुरवार को प्रधानमंत्री कि सपथ लेंगे और ९२ की उम्र में भी उनकी अन्य पार्टियों को मात दे डाली. चुनाव में घोटाले के आरोपों से घिरे प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक और महातिर के दोनों के मध्य चुनाववाज़ी रही थी.

मलेशिया को ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद बैरिसन नेशनल पार्टी 1957 में इस पार्टी का गठन किया गया तब ये सबसे दमदार पार्टी रही है. और कुछ सालों पहले महातिर, नजीब रज्जाक के गुरु हुआ करते थे. कुछ सालों के बाद नजीब रज्जाक को जानने वालों की संख्या कम हो गई, और उनकी पॉपुलैरिटी भी बहुत घटी थी. शायद वजह रही हो कि इस महातिर को मलेशिया का प्रधानमन्त्री घोसित किया गया.

लेकिन जो भी हुआ उसका पूरा फायदा तानाशाह महातिर के हित में ही हुआ और इसी का फायदा उठाते हुए महातिर ने चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री नजीब रजाक के खिलाफ जमकर अभियान चलाया था और उसी का नतीजा है कि पार्टी को इतनी बड़ी जीत हासिल हुई है. और अब देखना ये होगा कि मलेशिया के नए प्रधानमंत्री महातिर मलेशिया के विकास के लिए क्या करते है.