लंदन पंहुचा इजरायल के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन, कहा- अब चुप नहीं रह सकते

बीते सोमवार को गाजा में इज़राइली सैनिकों ने फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों की हत्या की. जिसे लेकर दुनिया भर में आक्रोश है. इसी दर्दनाक घटना को लेकर लन्दन में भी विरोध प्रदर्शन किया गया. इस कत्लेआम के विरोध में लंदन में ब्रिटिश प्रधान मंत्री के डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय के सामने मंगलवार को सैकड़ों लोग इकट्ठे हुए.

फिलीस्तीन सॉलिडेरिटी अभियान (पीएससी) द्वारा आयोजित आपातकालीन प्रदर्शन पर, ब्रिटेन सरकार से इजराइल सरकार की निंदा करने का आग्रह फिलिस्तीनियों और कार्यकर्ताओं ने किया. लन्दन में फिलिस्तीन के लिए एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों ने हाथों में कुछ प्लेकार्ड भी पकडे हुए थे, जिनमे लिखा था की गाजा में नरसंहार रोका जाए, घेराबंदी समाप्त करें और इजरायली कब्जे को रोकें.

अमेरिकी दूतावास इस हफ्ते सोमवार को तेल अवीव से येरुशलम में शिफ्ट हो चुकी है और येरुशलम में दूतावास ले जाने के साथ ही अमेरिका ने कुछ देशों के साथ मिलकर इजराइल की राजधानी के रूप में येरुशलम को मान्यता दे दी है.

लेकिन इस फैसले का दुनिया भर में विरोध किया जा रहा है. दूतावास उद्घाटन के दिन ही इसरायली सैनिकों ने 30 से ऊपर की संख्या में फिलिस्तीनियों को मौत के घाट उतारा जिसकी दुनिया भर में निंदा की गयी थी.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर की खबरों के मुताबिक लंदन में प्रदर्शन उन लोगों के लिए आयोजन किया गया जिन लोगों ने गाजा में अपनी जान गंवा दी, इस हिंसा में शहीद हुये लोगों के लिए न्याय मांगने के लिए लन्दन में यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर से वर्ल्ड न्यूज अरेबिया को मिली जानकारी के मुताबिक प्रदर्शन शुरू होने से कुछ समय पहले, प्रधान मंत्री थेरेसा ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा की इसरायली हमलों से हुई फिलिस्तीनियों की मौत की जांच की जानी चाहिए.

पीएससी ने प्रदर्शन के दौरान एक स्पीकर को उद्धृत करते हुए कहा की गाजा के लोगों के लिए खड़े होने के लिए धन्यवाद. उन्होंने कहा की जब तक येरुशलम को फिलिस्तीन की राजधानी के रूप में मान्यता नहीं मिलती तब तक क्षेत्र में शन्ति नहीं रहेगी, इज़राइली सेना की क्रूरता सभी लोग देख रहे हैं. उन्होंने कहा हम फिलिस्तीनी लोगों के लिए खड़े हैं लेकिन हम अकेले ही काफी नहीं हैं.