क़ुरआन शरीफ में बदलाव की माँग सुनकर भड़के मुसलमान, सड़कों पर उतरे

क़ुरआन पाक अल्लाह का नाज़िला किया हुआ कलाम है जिसमे पूरी इंसानियत के लिये रहमत है, लेकिन कुछ लोग क़ुरआन पाक से नासमझी के कारण क़ुरआन पाक पर ज़बान चलाकर अपनी आख़िरत खराब कर रहे हैं.

फ्रांस में इन दिनों क़ुरआन पाक में बदलाव की माँग की जा रही है जिस पर मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क गए हैं और इस मांग पर प्रदर्शनकर्ताओं ने गहरी नाराजगी और गुस्से का इज़हार किया है.

दरअसल यूरोपीय देश फ्रांस में एक घोषणापत्र तैयार किया गया है, इसी लेकर बवाल हो गया है. इस घोषणापत्र में इस्लाम धर्म के सर्वोच्च ग्रंथ कुरान से वो आयतें हटाने की मांग की गई है, जो कि यहूदी विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देती हैं.

एक पत्र फ्रांस मीडिया में भी प्रकाशित किया गया है, इस पत्र में बताया गया है कि इस्लामिक चरमपंथ के उभार के साथ ही पेरिस से यहूदी परिवारों का पलायन बढ़ गया है.

फ्रांस का मुस्लिम समुदाय इस घोषणा पत्र से नाराज हो गया है और इसे इस्लाम को बदनाम करने की साजिश करार दे रहा है. मुस्लिम समुदाय के नेताओं का कहना है कि इस घोषणापत्र पर जिन लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं, वो कुछ चरमपंथी समुदाय के कारण पूरे मुस्लिम समुदाय को बदनाम कर रहे हैं.

आपको बता दें कि 300 लोगों ने इस घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, इन लोगों में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और पूर्व प्रधानमंत्री मैनुएल वाल्स जैसे लोग शामिल हैं.

इस घोषणा पत्र जारी होने के एक दिन बाद ही 30 मुस्लिम इमामों ने फ्रैंच न्यूजपेपर ला मोंडे में एक जवाबी पत्र प्रकाशित कराया है, जिसमें घोषणा पत्र के कंटेंट को घृणावादी नस्लवाद करार दिया है. वैसे बता दें कि हाल के समय में फ्रांस में यहूदी विरोधी हमलों में काफी तेजी आयी है.