सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान का संकेत-OIC में शामिल हो सकता है भारत

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन की बैठक में भारत ने इतिहास रचते हुए पहले बार हिस्सा लिया. भारत इस बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुआ है. लेकिन अब संकेत मिल रहे है कि भारत भविष्य में ओआईसी में शामिल हो सकता है. यानि की भारत को इस मंच की सदस्यता मिल सकती है. इसके संकेत सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने दिए हैं. ओआईसी की बैठक के बाद एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम बहुत खुश हैं कि भारत ने विशेष मेहमान के तौर पर भाग लिया.

इसके आगे उन्होंने कहा कि यह बस एक शुरुआत है, हमें यकीन है एक दिन भारत ओआईसी का हिस्सा होगा. सऊदी अरब के शहजादे ने कहा कि हमें ओआईसी की बैठक को सकारात्मक तरीके से देखना चाहिए. सभी ओआईसी देश भारत के साथ मजबूत रिश्ते चाहते हैं.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फ़िलहाल ऐसी स्थितियां नहीं है कि भारत ओआईसी का हिस्सा बन सके और इसका कारण हम सब जानते हैं. लेकिन ओआईसी में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बहुत अच्छा भाषण दिया और हमें उम्मीद है कि इसके पॉजिटिव नतीजे देखने को मिलेंगे.

भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज एक मार्च को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए अबुधाबी पहुंची थी. इस दौरान उन्होंने मंच को संबोधित करते हुए आतं$कवाद पर जोरदार प्रहार किया. उन्होंने दो टूक शब्दों में आ’तंक को रोकने के लिए पूरी दुनिया को कहा.

सुषमा ने इस दौरान आतं’कवाद और कट्ट$रवाद दोनों को ही एक बताते हुए कहा था कि इस्लाम का संदेश शांति है, कुरान में कहा गया है कि धर्म की मजबूरी नहीं होनी चाहिए. सुषमा ने आगे कहा कि ऋग्वेद में कहा गया है कि भगवान एक है लेकिन लोग अलग-अलग तरह से उसका बखान करते हैं और यही दुनिया के सभी धर्मों में कहा गया है.

उन्होंने शांति का संदेश देते हुए कहा कि मैं महात्मा गांधी की भूमि से आती हूं, जहां शांति के लिए प्रार्थना के साथ ही हर प्रार्थना समाप्त होती है. बता दें कि इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्री की परिषद मुस्लिम-बहुल राष्ट्रों के लिए एक मंच है.

आपको बता दें कि यह मंच विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय से संबंधित राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर चर्चा करता है. यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी और कानून की भी पड़ताल करता है. बता दें कि पाकिस्तान भी इस मंच का हिस्सा है लेकिन भारत को मुख्य अतिथि बनाने से नाराज पाक ने इस बैठक से किनारा कर लिया है.