हिंदूवादियों की नई मांग, गुरुग्राम में मंदिरों के करीब न पढ़ी जाए नमाज़, केवल पांच जगह पढ़ी जाए नमाज़

देश में बढ़ रही हिन्दू और मुस्लिम की एक दूसरे के खिलाफ नफ़रत और ये नफरत घरों तक सीमित नहीं ये अब गॉवों से शहरों तक पहुंच गई है. और वंही हिंदूवादी संगठनों ने अपनी एक नई मांग रखी है. और उन्होंने गुरुग्राम प्रशासन से कहा कि खुले में नमाज पढ़ने की जगह की संख्या पांच तक सीमित कर दी जाए.

और जो जगह खुले में नमाज़ पढ़ने के लिए दी जाएँ वो मंदिरों से कम से कम दो किलोमीटर दूर हो. और जो लोग खुले में नमाज़ पढ़ते है उन सब की भारतीय नागरिकता की सही तरीके से जांच की जाए. और क्योंकि बीते रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने को कहा था,’नमाज खुले में नहीं अदा की जानी चाहिए.

उनके दिए गए इस तरह के बयान के बाद हिंदूवादी संगठन के लोगों की हिम्मत बढ़ गई और उन्होने भी अपनी मांग गुरुग्राम प्रशासन से कहा कि खुले में नमाज पढ़ने के लिए नियत स्थानों की संख्या पांच तक सीमित कर दी जाए. इनमें से कोई भी जगह किसी मन्दिर से 2 किमी के दायरे में नहीं होनी चाहिए.

और इतना ही नहीं उन संगठनों ने गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़े जाने का विरोध कर रहा है. ये नई मांगें उन नौ सूत्री मांगों का हिस्सा हैं, जिन्हें बैठक के बाद गुरुग्राम प्रशासन को सौंपा गया है. हिन्दू संघर्ष समि​ति के नेता महावीर भारद्वाज ने मीडिया के सामने कहा,’ प्रशासन को नमाज पढ़ने की जगह तय कर देनी चाहिए. और ये जगहें पांच से अधिक न हों और मन्दिर से 2 किमी की परिधि में न आती हों.

भारद्वाज विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय हिन्दू क्रान्ति दल, बजरंग दल, हिन्दू जागरण मंच, संस्कृति गौरव समिति, स्वदेशी जागरण मंच, भारत बचाओ अभियान और संस्कार भारती की तरफ से ये बयान भारद्वाज ने दिया और कहा कि “प्रशासन को नई जगहें तय करने से पहले उनकी राय भी लेनी चाहिए और ’हर शुक्रवार को खुले मैदान में अदा की जाने वाले नमाज़ी ये अवैध रूप से रह रहे शरणार्थी भी हो सकते हैं, इसलिए नमाज से सभी लोगों के दस्तावेजों की जांच की जाए.