मथुरा में है एक ऐसा कुंड जिसमे स्नान करते ही हो जाती है संतान की प्राप्ति

आज का युग विज्ञान का युग है ये नारा हम शुरू से ही पड़ते आ रहे हैं लेकिन कभी कभी कोई काम करने में विज्ञान भी समर्थ नहीं है आज कल विज्ञान ने हर छेत्र में वहुत तरक्की की है कोई भी एसा कम नहीं है जो बिज्ञान न कर सके लेकिन कुछ कम ऐसे भी है जो विज्ञान करने में असमर्थ हैं जिनके लिए हम सिर्फ भगवान से प्रार्थना कर सकते हैं भगवान कृष्ण और राधा की जोड़ी सारी दुनिया में अमर है इसलिए हम कभी भी कृष्ण राधा नहीं कहते वल्कि राधा कृष्ण कहतें हैं भगवान कृष्ण सभी के अराध्य हैं लेकिन इनके द्वारा किये कुछ ऐसे चमत्कार है जो हमसे छिपे हुए हैं|

घर की औरतों के लिए सबसे बड़े सुख की बात होती है माँ बनना हर महिला के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है माँ बनना इसमें एक औरत का दूसरा जन्म होता है ये महिला के लिए एक बरदान जैसा होता है महिला के जीवन में माँ बनना एक नए जीवन का आगाज होता है एक पत्नी के रूप में महिला के जीवन की शुरुआत होती है और माँ के रूप में नए जीवन का आगाज होता है|

अगर कोई महिला किसी कारण से माँ नहीं बन पाती तो उसके लिए ये बहुत दुःख की बात होती है एक महिला के लिए एक कलंक जैसा होता है हालांकि महिला को तो इस वारे में पता भी नहीं होता है लेकिन समाज तो महिला पर ही ऊँगली  उठाता है

लेकिन भगवान कृष्ण और राधा की प्रणय गाथाओं का साक्षी मथुरा का राधा कुंड जहाँ पर अगर कोई महिला सारे विधि विधान से स्नान करती है उसको जल्द ही संतान की प्राप्ति होती ऐसा मथुरा के महात्मा कहते हैं लेकिन इसके लिए आपको स्नान से पहले सारी विधि पता होना चाहिए|

अगर महिलाएं स्नान करे से पहले भगवान कृष्ण और राधा माता को याद करें और नहाते समय अगर निसंतान दंपत्ति को साथ में दुपकी लगनी होगी महिलाओं को नहाते समय अपने बाल खुले रखने होंगे इस विधि विधान से अगर नहाया जाय और आपकी मनोकामना पूरी होगी इस स्नान के लिए कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्य रात्री को स्नान किया जाय तो आपकी मनोकामना पोरी होगी|

ये कुंड बहुत ही पवित्र इसमें स्नान करने से मनोकामना जरुर पूरी होती हैं.