एर्दोगान के बेटे ने सोने के सिक्के देकर किया क़ुरआन पाक हिफ़्ज़ करने वाली लड़कियों को सम्मानित, उमराह पर भेजने का किया ऐलान

दुनिया ने तुर्की इस्लामी शिक्षा और संस्क्रति को बढ़ावा देने के मामले में दुनिया में अव्वल है, वह इस मामले में नम्बर वन देश है, तुर्की सऊदी अरब से भी ज़्यादा इस्लाम की खिदमत अंजाम दे रहा है, तुर्की में शरीयत को बढ़ावा देने के लिये कई यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर भी स्थापित किये गए है.

दुनिया में अल्लाह की तरफ से पूरी दुनिया के लिये मार्गदर्शन का एक मात्र स्रोत कुरआन है, क़ुरआन पाक अल्लाह का कलाम है. अल्लाह ने इस में एक ख़ास विशेषता ये दी है कि इसको याद किया जा सकता है, इसे सीने में बसाया जा सकता है.

कुरआन को एक 70 साल का बूढ़ा भी याद कर सकता है और एक 7 साल का बच्चा भी इसे याद कर सकता है. क़ुरआन पाक के हाफ़िज़ को अल्लाह क़यामत के दिन खास इनामात से नवाज़ेगे उनको हीरे मोती के टीलों पर बिठाया जायेगा, तथा वे अपने माँ बाप की बख्शिश का जरिया बनेंगे.

पिछले दिनों तुर्की सरकार ने हिफ़्ज़ क़ुरआन करने वाले दो हज़ार हाफिजों को तुर्की सरकार की तरफ से उमराह कराया था, ताकि उनका सम्मान हो सके और साथ ही तुर्की में ज्यादा से ज्यादा क़ुरआन पाक को हिफ़्ज़ करने का रिवाज हो जाये.

इस बार लगभग 19 क़ुरआन पाक को हिफ़्ज़ करने वाली लड़कियों को तुर्की की राजधानी इस्तंबूल में राष्ट्रपति तय्यब एर्दोगान के बेटे बिलाल एर्दोगान ने सम्मानित किया. उन्होंने हर एक हाफ़िज़ा को सोने के सिक्के देकर सम्मानित किया. साथ ही राष्ट्रपति तय्यब एर्दोगान के बेटे बिलाल एर्दोगान ने ऐलान किया की सबको उमराह पर भेजा जायगा.

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