देखे वीडियो: वाराणसी हादसा पोस्टमॉर्टम के लिए हॉस्पिटल स्टाफ ने मांगी घूस, कैमरे में कैद हुई घटना

वाराणसी में हुई दर्दनाक हादसे में डेढ़ दर्जन लोगों की मौत हो गई साथ ही दर्जनों लोग घायल हैं. ऐसी विपदा के समय भी अस्‍पताल के कर्मचारियों में इंसानियत नाम की कोई चीज नहीं है. इस बात का सबूत यह है कि बीएचयू हॉस्पिटल के कर्मचारी ने पीड़ि‍तों के परिजनों से पोस्‍टमार्टम के लिए 300 रुपये की घूस मांगी.

यह शर्मनाक काम करते हुए आरोपी कर्मचारी कैमरे में कैद हो गया. जैसे ही यह मामला सामने आया आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया. बताया जा रहा है कि अस्‍पताल के कर्मचारियों ने कई पीड़ि‍तों के परिजनों से घूस मांगी थी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के शिकार एक व्‍यक्‍ति के परिजनों ने घूस देने से इनकार किया तो हॉस्पिटल के कर्मचारी शव को फर्श पर ही रखकर चलते बने थे. बताया गया है कि यह परिवार जौनपुर का रहने वाला है. वहीँ वाराणसी के कलेक्‍टर योगेश्‍वर मिश्रा ने आरोपियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की बात कही है.

वाराणसी के एसएसपी आरके. भारद्वाज ने कहा कि हॉस्पिटल के एक स्‍वीपर द्वारा घूस लेने मामला सामने आया है. जिसके बाद उस पर एफआईआर दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. इस घटना को लेकर सोशल मीडिया में काफी गुस्‍सा है.

एक यूजर सुमित शेखर ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए ट्वीट किया है हॉस्पिटल में एजेंटों द्वारा पोस्‍टमार्टम के लिए घूस मांगने की घटना सामने आने के बाद आप वाराणसी के कलेक्‍टर को निलंबित क्‍यों नहीं करते हैं? कलेक्‍टर को ऐसे वक्‍त में पूरी तरह से मुस्‍तैद रहना चाहिए. कुछ अमानवीय लोग ऐसे वक्‍त में भी शवों के लिए पैसे मांग रहे हैं.

आपको बता दें कि वाराणसी में रेलवे स्‍टेशन के समीप निर्माणाधीन फ्लाइओवर के दो बीम मंगलवार (15 मई) शाम को अचानक से गिर गए थे. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई थी. मामले की सख्‍त निगरानी के लिए उत्‍तरप्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तत्‍काल घटनास्‍थल के लिए रवाना हो गए थे.

फ्लाइओवर निर्माण से जुड़े कई उच्‍चाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही राज्‍य सरकार ने मामले की जांच के लिए तत्‍काल एक उच्‍चस्‍तरीय समिति का गठन कर दिया. इसे 48 घंटों के अंदर रिपोर्ट सौंपनी है.

इन हजारों टन वजनी बीम की चपेट में कई वाहन और लोग आ गए थे. इस हादसे के बाद सुरक्षा-व्‍यवस्‍था को लेकर भी सवाल उठाए जाने लगे थे.