बीएस येदियुरप्पा तीसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने, आज सुबह ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

बीजेपी विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है. येदियुरप्पा ने गुरुवार की सुबह 9 बजे राजभवन में शपथ ली. सुबह 9 बजे राज्यपाल वजुभाई वाला ने कड़ी सुरक्षा और व्यवस्था के बीच येदियुरप्पा को राजभवन में शपथ दिलाई.

आपको बता दें कि येदियुरप्पा ने तीसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली है. येदियुरप्पा (75) ने बीजेपी के केंद्रीय और राज्य के नेताओं और नवनिर्वाचित विधायकों के बीच कन्नड़ भाषा में शपथ ली. सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से मना कर दिया था.

राजभवन आने से पहले येदियुरप्पा ने रास्ते में राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन और पूजन किया. राजभवन पहुंचते ही येदियुरप्पा ने बीजेपी नेताओं सहित राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से मुलाकात की. बीजेपी सूत्रों के आनुसार  येदियुरप्पा शपथ ग्रहण समारोह के बाद सदन में बहुमत साबित करने की तारीख का ऐलान कर सकते हैं.

शपथ ग्रहण को लेकर बीजेपी मुख्यालय और येदियुरप्पा के आवास पर जश्न का माहौल रहा. पार्टी मुख्यालय पर परंपरागत नृत्य और गाने बाजे चलते रहे.

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बी. एस. येदियुरप्पा को नई सरकार बनाने के लिए बुधवार की शाम को न्योता दिया था और गुरुवार को उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया था. एक समारोह में पीएम मोदी और अमित शाह मौजूद नहीं रहे, येदियुरप्पा को 15 दिन में बहुमत साबित करना होगा.

गुरुवार की सुबह सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक बीजेपी को बड़ी राहत दी और येदियुरप्पा की शपथ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी से समर्थक विधायकों की लिस्ट भी मांगी है और राज्यपाल को दिए गए समर्थन पत्र की भी मांग की है. इस मामले पर अगली सुनवाई शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे होगी.

दरअसल कांग्रेस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. सुप्रीमकोर्ट कांग्रेस की याचिका पर रात में सुनवाई करने के लिये सहमत हो गया.

बीजेपी राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में 104 सीटें हासिल करके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. येदियुरप्पा को 15 दिन में विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा गया है. वहीं चुनाव के बाद बने कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन के 116 विधायक हैं. इस गठबंधन ने भी राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया था.