बिकाऊ और गद्दार इंसान होता है क़ौम नहीं- मोहम्मद ज़ाहिद का बेहतरीन विश्लेषण

अगर आप किसी इंसान के करतूत को उसकी पूरी कौम की करतूत समझ रहे हैं तो आप आला दर्जे के और निहायत घटिया सोच के इंसान हैं। वसीम रिज़वी के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को मदरसे पर लिखे पत्र को किसी समुदाय का लिखा पत्र समझना उस जाल में फंसना है जिस जाल में संघ और हुकूमत आपको फँसाना चाहती है।

यदि किसी की कौम से गद्दारी उस कौम की गद्दारी है तो शहनवाज़ हुसैन , एम जे अकबर , मोदी के चमचे ज़फर शेरेशवाला , तमाम फर्जी संगठन बना कर मुस्लिम मंच और मोदी के दरबारी मौलाना , हेड और चीफ इमाम बन कर लबादा ओढ़े दर्जनों मौलाना, नज़मा हेपतुल्ला, ट्रिपल तलाक और शरियत के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय गयीं|

सायरा बानो , अब की भाजपा नेत्री इशरत जहाँ सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ इशरत जहां की लड़ाई लड़ने वाली वकील नाजिया इलाही खान और साज़िया इल्मी किस कौम की हैं ?

वसीम रिज़वी और मोहसिन रज़ा के कारण कोई समुदाय गद्दार है तो ये ऊपर दिए तमाम उदाहरणों के कारण गद्दार उनकी कौम और ज़्यादा गद्दार है। इसलिए पहले अपने गिरेबान में झाँकिए और समझिए कि सत्ता और पैसे के टुकड़े से कौम के गद्दारों का इस्तेमाल कैसे कौम के खिलाफ किया जा रहा है। वो हमें बाँटना चाहते हैं और आप बँटने के लिए तैय्यार बैठे हैं।

वसीम रिज़वी के पत्र के बाद क्या हुआ ? तमाम शिया मौलानाओं ने वसीम रिज़वी की निंदा ही नहीं की बल्कि उसके खिलाफ कार्यवाही की माँग खी। मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी ने कहा कि शिया समुदाय वसीम रिजवी के बेबुनियाद बयान की निंदा करता है।

मौलाना ने यूपी सरकार से सवाल किया कि आखिर सरकार द्वारा वसीम रिजवी को छूट दिए जाने का कारण किया है ? अभी तक उसके खिलाफ सी0बी0आई0 जांच नहीं कराई गई और न पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल की जा रही है। जबकि उसका अपराध और भ्रष्टाचार साबित हो चुका हैं।

वसीम रिजवी के बयान की निंदा करने वाले विद्वानों में मुंबई से मौलाना हुसैन मेहदी हुसैनी, दिल्ली से मौलाना मोहसिन तकवी , इमामे जुमा शिया जामा मस्जिद कश्मीरी गेट, मौलाना जलाल हैदर नकवी, मौलाना आबिद अब्बास इमामे जुमा, मौलाना नईम अब्बास आब्दी नोगानवां, मौलाना सफदर हुसैन जौनपुर, मौलाना मोहम्मद रजा गरवी गुजरात|

मौलाना करामत हुसैन जाफरी मुंबई, मौलाना मीर अजहर अली बंगलुरू, मौलाना तकी आगा हैदराबाद, मौलाना गुलाम मुहम्मद मेहदी खान चेन्नई, मौलाना रजा हुसैन, मौलाना तसनीम मेहदी, मौलाना रजा हैदर, लखनऊ और अन्य ओलमा ने वसीम रिजवी के बयान की निंदा करते हुए सख्त कार्यवाही की मांग की है।

मेरी पोस्ट पर फितना फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं , ना मैंने यह कभी किया ना मैं बर्दास्त कर सकता हूं।

इसलिए बेहतर है कि ऐसे लोग विदा लें लें – मोहम्मद ज़ाहिद, सोशल एक्टिविस्ट ये पोस्ट इनकी वाल से लिया गया है