इज़राईल से जंग लड़ने तैयार हैं तुर्की राष्ट्रपती तय्यब एर्दोगान, सभी प्राथमिक काम पूरे किये

इजराइल द्वारा किये गए फिलिस्तीनियों के नरसंहार को लेकर तय्यब एर्दोगान बहुत दुखी है. एर्दोगान इस घटना के बाद से ही इजराइल के खिलाफ है एर्दोगान ने इस घटना के तुरंत बाद इजराइल के खिलाफ करवाई करते हुए इजरायल से अपनी राजनीयिक सम्बन्ध खत्म कर दिए थे.

इसके आलावा एर्दोगान ने ओआईसी की बैठक बुलाकर तमाम मुस्लिम राष्ट्रों से इस घटना पर चिंतन मंथन करने की अपील की थी. पूरी दिलचस्पी और हमदर्दी के साथ एकजुट होकर तमाम मुस्लिम राष्ट्रों ने इज़राईल के इस काम की कड़ी आलोचना की है.

इस्लामिक कॉरपोरेशन संगठन के अध्यक्ष के रूप में एर्दोगान ने तुर्की में एक आपत्काल बैठक बुलाई थी इस बैठक में तमाम सदस्य देशों ने भाग लिया था. तुर्की ने मुस्लिम जगत से आग्रह किया वह फिलिस्तीनियों को उनका हक दिलाने के लिए इजराइल के खिलाफ आवाज़ उठाये.

इसके आलावा तय्यब एर्दोगान ने कहा कि फिलिस्तीनियों की रक्षा के लिये अंतरराष्ट्रीय सेना का गठन किया जाना चाहिए जिससे कि इज़राईल को उसी की भाषा मे जवाब दिया जा सके और साथ ही फिलिस्तीन के अधिकारों की रक्षा हो सके एर्दोगान ने इसके लिए तमाम मुस्लिम राष्ट्रों से सहयोग करने की बात कही.

पिछले साल दिसंबर में यरूशलेम पर आपातकालीन बैठक में प्रतिभागियों द्वारा बहुत कम स्तर के प्रतिनिधिमंडल के कारण चिह्नित की गई थी. अधिकतर अरब नेता इस क्षेत्र में यू.एस. समर्थन के साथ अपना प्रभाव बनाए रखते हैं.

ओआईसी ने शिखर सम्मेलन के बाद एक बयान जारी करते हुए कहा गया था कि पूर्व जेरूसलम कब्जे के तहत फिलिस्तीन की राजधानी थी और अमेरिका से शांति प्रक्रिया वापस लेने और अपने जेरुसलम के फैसले से पीछे हटने का आग्रह किया. दिसंबर के शिखर सम्मेलन में उच्च स्तरीय भागीदारी की कमी की अध्यक्षता राष्ट्रपति रसेप तय्यिप एद्रोगान ने की थी.

एक बार फिर एर्दोगान ने दोहराया की फिलिस्तीन मुद्दा दुनियाभर के मुसलमानों से जुड़ा है. इस मुद्दे पर मुस्लिम जगत को एकसाथ होकर इजराइल के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहए. तभी फिलिस्तीन के हालात बेहतर हो सकेंगे.

वहीं डेली सबह के अनुसार OIC शिखर सम्मेलन में फिलीस्तीनी प्रधान मंत्री रमी हमदल्लाह, जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय, ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी, अफगान राष्ट्रपति अशरफ घनी, कुवैती अमीर सबा अल-अहमद अल-जबर अल-सबा और मौरीटानियन राष्ट्रपति मोहम्मद वलिद अब्दुलअज़ीज़ की शिरकत की उम्मीद है.